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Saturday, 13 April 2019

एक अपील 60%-65% कट ऑफ समर्थक हेतु:- कट-ऑफ समर्थकों की कलम से

साथियो इलाहाबाद उच्च न्यायालय में *रीना सिंह vs स्टेट आफ उ प्र* में आदेश पारित होने के बाद भी अभी तक *उत्तर कुंजी  या परीक्षाफल का घोषित न होना यह प्रदर्शित करता है कि सरकार आपके साथ है।* और जब तक सरकार आपके साथ है तब तक आप मजबूत है।
*सरकार के भरोशे आप है यह अच्छी बात है लेकिन सिंगल बेंच में आप सब के तरफ से एक वरिष्ट अधिवक्तता न होने का जो खामियाजा आप सब ने भुक्त है।* क्या उसे दोहरा के आप फिर से अपना वही हश्र करना चाहते है। एक बार अगर गलती से गलती हो जाये तो उसे गलती की संज्ञा दी जाती है लेकिन अगर वही दुबारा हो तो वह जान बूझ के किया गया कृत्य होता है फिर उसे आप अपनी गलती या किस्मत नही मान सकते बल्कि वह आपके द्वारा जान बूझ के अपने पैर पे किया गया प्रहार है। यह अंतिम मौका है *69,000* पास 90-79 कट-ऑफ समर्थक का अपनी पूरी ताकत लगा दे.... *न्यायालय को अपनी उपस्थिति दिखा के की आप इस आदेश से कितने प्रभावित है।* निश्चित ही आपका यह 1 हफ्ते किया गया प्रयाश आर्थिक एवं शारिरिक मेहनत आपको आपके मंजिल के करीब ले जाएगा जिसके लिए आप प्रयाश करेंगे। तय आपको करना है कि आप किस तरफ चलना चाह रहे गलती सुधारना या जान बूझ के वही *सिंगल बेंच वाली गलती दुहराना।* निर्णय करे आपके पास *2 दिन शनिवार रविवार* का दिन शेष है।
। *कृपया अधिक से अधिक शेयर करे।*

*1⃣- सिंगल बेंच के आदेश अकाट्य है इसमें 1% भी बदलाव सम्भव नही है।*
ऐसे बहुत से अकाट्य आदेश आये और बहुत से लोगो के द्वारा दावा किया गया कि यह आदेश नजीर है इसमें अब कुछ नही हो सकता है।
किसी अन्य के मुद्दे को न लेते हुए *ऐसे ही अकाट्य आदेश की याद दिला दु जो डबल बेंच से पटखनी खाई थी।* टेट-2017 का केस है। उसमें किसी विद्वान ने ऐसा दावा किया था कि ऐसे अकाट्य साक्ष्य के आधार पे फैसला आया है आप खुशिया मना सकते है जश्न मना सकते है और *_सबसे चौकने वाली बात यह कि माननीय न्यायाधीश और अधिवक्तता यहाँ तक याचिकाकर्ता तक मे बदलाव नही था।_* और डबल बेंच से उनके आदेश को सिरे से खारिज करते हुए 14 प्रश्न के जगह पे सिर्फ 2 प्रश्न के तहजीब दी।
मैं यह नही कहता कि फैसले अटल होते है *डबल बेंच का अस्तित्व ही इस लिए है कि वह सिंगल बेंच के फैसले को देखे और अगर उसमे बेहतर हो सके तो करे।* अगर पूरे आदेश को देखा जाए तो *जैसे पहले से ही  मन हो कि 60%-65% के किसी आदेश को देखना ही नही है....* जितने आदेश 60%-65% समर्थक के तरफ से लगे है। वह सिर्फ उसमे अंकित मात्र है उसपे ले के कोई आदेश लिखा नही गया है।
बहुत से पॉइंट है 148 पन्ने का आदेश है। सब अपने काम की चीज निकाल लेंगे चाहे कट-ऑफ पक्षधर हो विपक्ष
*2⃣- डबल बेंच में कौन इस आदेश के विरुद्ध जा सकता है सरकार या कोई भी परीक्षा में सम्मिलती अभ्यर्थी।*
डबल बेंच मूल रूप से इस लिए बनी ही है कि सिंगल बेंच के आदेश को भली भांति पढ़े एव उसमे हुई किंचित मात्र गलती को भी सही करे।
_सिंगल बेंच में 1 न्यायधीश द्वारा आदेश लिखा जाता है डबल बेंच में उस आदेश को दो न्यायाधीशों द्वारा उनके मत के अनुसार जज किया जाता है जिससे आदेश के अन्तरर्गत आने वाले दोनों पक्ष को न्याय जिसे सही है उसे दिया जा सका। सिंगल बेंच के आदेश सर्वदा गलत या सर्वदा सही नही होते वह डबल बेंच में हमेशा विचारणीय होते है।_
*उस आदेश से प्रभावित कोई भी इछुक उम्मीदवार उस आदेश को डबल बेंच में चैलेंज कर सकता है जो सिंगल बेंच में पार्टी था या नही। अगर उसका हित प्रभावित होता है तो निसंकोच वह इसे डबल बेंच में दायर कर सकता है।*
*_♓69,000 शिक्षक भर्ती में सम्मिलित 4 लाख 10 हजार में से प्रत्येक व्यक्ति को यह संवैधानिक हक है कि वह इस आदेश को डबल बेंच में चैलेंज कर के अपने तर्को के साथ उस आदेश में संशोधन की मांग करे। और यह डबल बेंच के विवेक पर निर्भर करेगा कि वह आगे क्या फैसला देता है।_*
एक मजबूत याचिका एक मजबूत अधिवक्तता एव एक मजबूत रणनीति के साथ अगर आप मैदान में उतरते है तो निश्चित सफलता मिलेगी। कहने को सुनने को बहुत सी बातें है आप अपने विवेक से फैसला ले।
*बी टी सी करने के दरम्यान आपने कितना खर्च किया* प्रैक्टिकल के नाम पे फीस के नाम  परीक्षाफल के नाम पे आवागमन के नाम पे अन्य मुद्दों पे। लेकिन आपने समय रहते उसे पूर्ण किया और आज आप एक प्रशिक्षित स्नातक युवा है।
*_एक छोटी सी अपील है आप सब से आप सब के एक दूसरे के सहारे वाले खेल से जो हश्र होना था आपने देख लिया....तब सिंगल में आप मजबूर थे अपना तर्क नही रख पाए। अब स्थिति आपके पास है और अगर अब आप नही जागे तो जो हार आपको सिंगल बेंच में मिली वो जिंदगी का नासूर बन जाएगी। एक बार बस ये सोचिये की कट-ऑफ अबकी बार मैं डिफेंड करूँगा....आपके अकेले हिम्मत के 1000 हिम्मत मिलने से इस केस को मजबूती से लड़ते हुए जैसे आपका रिजल्ट निकाल के टेट-2018 में सम्मिलित कराया गया जैसे 69,000 में सम्मिलित कराया गया वैसे ही नियुक्ति में कराने का आखिरी दम तक प्रयाश करेंगे....आप सब पर निर्भर है कि आपने हिस्से का वह काम कितना बखूबी करना चाहते है।_*
90-97 अंक वाला प्रतेयक अभ्यर्थी चयनित होगा यह दावा नही अपितु विश्वाश है लेकिन आपको उसी विश्वाश से इस कट-ऑफ को बचाना होगा। अंतिम बार संकल्प ले ले तो कट-ऑफ 60%-65% हर स्तर से होना तय है। सब आप के हिम्मत और मेहनत पे है।
*अंतिम वार है मत चूको साथियो आपके बी टी सी 3 साल कर के 500 टेट फीस , 500 शिक्षक भर्ती फीस अन्य खर्चे एक बार नौकरी मिलने के बाद खुसी में बदल जाएंगे।
*® विशेष:-अंतिम अपील है आप सफल हो के इस बार नियुक्ति नही पा सके तो आगे भूल जाये अपना सर्वश्व लगा दो और मुद्दे को जम के लाडो।*
*कम से कम आप यह तो कहने लायक रहेंगे की हम ने पढ़ाई में भी मेहनत कर के 100+ अंक लाये और न्यायालय में भी अपने हित के लिए लड़े और वहां से जीते।*
*★®@√! P@πd£¥★*
    *कट-ऑफ समर्थक*
  *संर्पक- 9005686490*

एक अपील 60%-65% कट ऑफ समर्थक हेतु:- कट-ऑफ समर्थकों की कलम से Rating: 4.5 Diposkan Oleh: naukari salution

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