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Sunday, 16 September 2018

नौ हजार शिक्षक भर्ती में चयन बोर्ड रोड़ा: माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र ने ही आठ विषयों का चयन फंसाया, अफसर भी इस निर्णय से हुए दंग, परीक्षा टली Primary Ka Master

नौ हजार शिक्षक भर्ती में चयन बोर्ड रोड़ा: माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र ने ही आठ विषयों का चयन फंसाया, अफसर भी इस निर्णय से हुए दंग, परीक्षा टली Primary Ka Master


इलाहाबाद : अशासकीय माध्यमिक कालेजों में 9294 प्रवक्ता व स्नातक शिक्षक के पदों पर भर्ती करने में चयन बोर्ड ने खुद रोड़ा अटकाया है। दो साल बाद किसी तरह लिखित परीक्षा का मुहूर्त तय हुआ था लेकिन, उसके दो माह पहले ही ऐसा विवाद हुआ कि अब भर्ती कब होगी, ये बताने की स्थिति में कोई नहीं है। इस निर्णय से सिर्फ अभ्यर्थी ही परेशान नहीं हुए, बल्कि माध्यमिक शिक्षा के अफसर भी दंग रह गए। एक अफसर ने तो शासन को लिखे जवाबी पत्र में इस पर असहमति जताई थी। 1प्रदेश के अशासकीय माध्यमिक कालेजों में शिक्षक व प्रधानाचार्यो की बड़े पैमाने पर कमी किसी से छिपी नहीं है। शिक्षकों के अभाव में पठन-पाठन चौपट है। कोर्ट भी प्रधानाचार्यो की कमी को लेकर तल्ख टिप्पणी कर चुका है। योगी सरकार आने के बाद से चयन बोर्ड को लेकर पहले लंबे समय तक असमंजस रहा और बाद में अध्यक्ष व अन्य सदस्यों के इस्तीफे के बाद पुनर्गठन हुआ। अप्रैल से चयन बोर्ड संचालित होने से सभी में तेजी से नियुक्तियों की उम्मीद जगी थी। अभ्यर्थियों ने टीजीटी-पीजीटी 2016 की लिखित परीक्षा कराने की मांग तेज की। टीजीटी के 7950 व पीजीटी के 1344 पदों के लिए पांच जून 2016 को विज्ञापन निकाला था। इस भर्ती के लिए 30 जुलाई 2016 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए। इसमें 10 लाख 71 हजार 382 प्रतियोगियों ने फार्म भरे थे। प्रशिक्षित स्नातक के 7950 पदों के लिए 6,55,304 जबकि प्रवक्ता के 1344 पदों पर 4,16,078 अभ्यर्थियों ने फार्म भरे थे। चयन बोर्ड ने एकाएक सितंबर माह में लिखित परीक्षा कराने का कार्यक्रम भी घोषित किया लेकिन, उसके पहले 12 जुलाई को ही विज्ञापन के आठ विषयों के पद निरस्त कर दिए गए। इसी के साथ लिखित परीक्षा भी स्थगित हो गई। अब निरस्त हुए पदों के अभ्यर्थियों से दूसरे विषयों में आवेदन मांगे गए हैं। इस निर्णय के समय ही विभागीय अफसरों ने पद निरस्त करने पर असहमति जताई थी। उनका कहना था कि जिन विषयों के पद निरस्त हुए हैं, वे खत्म नहीं हुए हैं, बल्कि अन्य विषय में समाहित हुए हैं। ऐसे में इन पदों पर चयन करने में कोई खामी नहीं होती। इस निर्णय से हर स्कूल में दो विज्ञान शिक्षक रखने पड़ेंगे।

नौ हजार शिक्षक भर्ती में चयन बोर्ड रोड़ा: माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र ने ही आठ विषयों का चयन फंसाया, अफसर भी इस निर्णय से हुए दंग, परीक्षा टली Primary Ka Master Rating: 4.5 Diposkan Oleh: C2S HUB

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