Today Breaking News

Recent Posts Widget

Search This Blog

Thursday, 9 August 2018

मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति का नियम नौकरी पाने का जरिया नहीं: हाईकोर्ट

मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति का नियम नौकरी पाने का जरिया नहीं: हाईकोर्ट

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मृतक आश्रित के 17 साल बाद बालिग होने व स्नातक डिग्री हासिल करने के बाद नियुक्ति की मांग में दी गई अर्जी निरस्त करने के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि आश्रित की नियुक्ति का नियम कर्मचारी की मृत्यु से परिवार पर अचानक आई आर्थिक विपत्ति का सामना करने के लिए बनाया गया है। इस नियम को नौकरी देने का जरिया नहीं बनाया जा सकता। यह नहीं कहा जा सकता कि 17 साल बाद भी परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।1यह आदेश न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा ने सिद्धू मिश्र की याचिका पर दिया है। याचिका पर प्रतिवाद प्रांजल मेहरोत्र ने किया। याची के पिता बिजली विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी थे। 1996 में उनकी मौत हो गई। उस समय याची तीन साल का था। उसकी मां ने विभाग को अर्जी दी कि बालिग होने पर नियुक्ति की मांग करेगी। 2011 में याची बालिग हो गया और स्नातक डिग्री हासिल कर उसने 2013 में नियुक्ति की मांग में अर्जी दी और कहा कि राज्य सरकार को अर्जी देने में हुए विलंब को माफ करने का अधिकार है। इसलिए मृतक आश्रित कोटे के तहत उसकी नियुक्ति की जाए। विभाग ने अर्जी दाखिल करने में हुई देरी के आधार पर खारिज कर दी, जिसे चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि बालिग होते ही अर्जी देनी चाहिए थी। शासनादेश परिवार की आर्थिक दशा को देखते हुए अर्जी दाखिल करने में देरी की माफी पर निर्णय की छूट देता है। लेकिन, यह नहीं कहा जा सकता कि 17 साल बाद परिवार में आर्थिक कठिनाई कायम है। कोर्ट ने याचिका पर हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया।

मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति का नियम नौकरी पाने का जरिया नहीं: हाईकोर्ट Rating: 4.5 Diposkan Oleh: C2S HUB

0 comments:

Post a Comment

Most Important News

Recent Posts Widget