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Friday, 8 June 2018

आयोग की मनमानी, अभ्यर्थियों की परेशानी: परीक्षा की तैयारियों को नहीं दे पा रहे हैं प्राथमिकता, पड़ रहा मनोवैज्ञानिक दबाव

आयोग की मनमानी, अभ्यर्थियों की परेशानी: परीक्षा की तैयारियों को नहीं दे पा रहे हैं प्राथमिकता, पड़ रहा मनोवैज्ञानिक दबाव

इलाहाबाद : प्रतियोगी परीक्षाओं के संबंध में उप्र लोकसेवा आयोग की ओर से लिए गए निर्णय ने अभ्यर्थियों को बड़ी में डाल दिया है। अभ्यर्थियों के लिए यह निर्णय लेना कठिन हो रहा है कि वे किस परीक्षा की तैयारी मनोयोग से करें। पीसीएस (मुख्य) परीक्षा 2017 और एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 की लिखित परीक्षा सिर पर है तो बिहार लोकसेवा आयोग की परीक्षा के साक्षात्कार भी जून महीने में होने हैं। दुविधा में अभ्यर्थियों की तैयारी भी प्रभावित होने लगी है।
गौरतलब हैं कि हर साल हंिदूी भाषी राज्यों के 20-25 हजार अभ्यर्थी ऐसे होते हैं जो उप्र लोकसेवा आयोग, बिहार लोकसेवा आयोग, मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग समेत अन्य राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। तमाम अभ्यर्थी सरकारी सेवा में रहते भी पीसीएस परीक्षा में शामिल होते हैं, जिनके सामने तैयारी का शेड्यूल बनाने की बड़ी चुनौती होती है। इस बार भी ऐसा ही है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पीसीएस मेंस 2017, एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018, बिहार लोकसेवा आयोग और मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग से होने वाली शिक्षक भर्ती में शामिल हैं। पीसीएस मुख्य परीक्षा की 18 जून से छह जुलाई तक और एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की 29 जुलाई को घोषित तारीख ने इन्हें परेशानी में डाल दिया है। अभ्यर्थियों की मानें तो आयोग ने जुलाई माह में पीसीएस मुख्य परीक्षा 2017 कराने का संकेत देकर कुछ राहत दी थी लेकिन, परीक्षा कार्यक्रम आनन फानन 18 जून से ही निर्धारित करना मनमाना निर्णय है। परीक्षा छह जुलाई को खत्म होगी उसके बाद 29 जुलाई को एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की परीक्षा होगी। ऐसे में तैयारी के लिए एक महीने से भी कम समय मिल रहा है। जबकि आयोग का तर्क है कि जनवरी माह में पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आया था और दो बार परीक्षा स्थगित होने से जून माह में पीसीएस मुख्य परीक्षा करानी पड़ी, इसलिए अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए लंबा वक्त मिला। अभ्यर्थियों की मानें तो 18 जून से जुलाई के बीच बिहार लोकसेवा आयोग की परीक्षा के साक्षात्कार भी होने हैं। ऐसे में तैयारियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ रहा है। कहा कि अन्य राज्यों के आयोग से तालमेल न बिठाकर उप्र लोकसेवा आयोग उनके हितों से खिलवाड़ कर रहा है।

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