Today Breaking News

Recent Posts Widget

Search This Blog

Thursday, 17 May 2018

शिक्षक भर्तियों के मामलों में उच्चतर आयोग और चयन बोर्ड की चाल है धीमी: सिर्फ हो रही खानापूरी

शिक्षक भर्तियों के मामलों में उच्चतर आयोग और चयन बोर्ड की चाल है धीमी: सिर्फ हो रही खानापूरी

इलाहाबाद : योगी सरकार भर्तियों को रफ्तार पकड़ाने पर जोर दे रही है। इसमें सीबीआइ जांच होने के बाद भी उप्र लोकसेवा आयोग काफी हद तक रिजल्ट जारी कर रहा है और नए पदों के लिए विज्ञापन भी मांगा जा रहा है। ऐसे ही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भी पुरानी भर्तियों में गड़बड़ियां उजागर कर नई भर्तियां पूरी कराने में जुटा है, जबकि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड भर्तियों के नाम पर खानापूरी करने में जुटा है। इससे प्रतियोगी निराश हैं और लिखित परीक्षा को लेकर असमंजस बना है। 1उच्चतर शिक्षा आयोग में अशासकीय महाविद्यालयों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का साक्षात्कार चल रहा है। प्रतियोगी बताते हैं कि आयोग में सिर्फ चार दिन ही कामकाज हो रहा है। यहां एक दिन में 16 लोगों का साक्षात्कार हो रहा है, जबकि इसके पहले आयोग एक दिन में 25 से 30 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेता रहा है, वहीं यूपी पीएससी व विश्वविद्यालयों में इससे भी अधिक अभ्यर्थी बुलाए जा रहे हैं। यह हाल तब है जब आयोग में सदस्यों की संख्या लगभग पूरी है। इसी तरह विज्ञापन संख्या 47 का एलान 2016 में हुआ अब नवंबर में लिखित परीक्षा कराने की घोषणा जरूर हुई है लेकिन, तारीख तय नहीं है। प्रतियोगियों का कहना है कि इस रफ्तार से तो पुरानी भर्ती जल्द पूरा होने की स्थिति नहीं है। 1इसी तरह से चयन बोर्ड के गठन के बाद पहली बैठक में जरूर अहम निर्णय हुए। इसके बाद दो बैठकें और हुई हैं उनमें सिर्फ खानापूरी की गई है। 2011 के कुछ विषयों के साक्षात्कार का कार्यक्रम घोषित हो चुका है लेकिन, अन्य विषयों का रिजल्ट कब तक आएगा, 2016 की लिखित परीक्षा कब होगी और 2018 का नया विज्ञापन कब निकलेगा यह सवाल अनुत्तरित हैं। बुधवार को चयन बोर्ड की तीसरी बैठक में एक लाइन का निर्णय हुआ है कि ऑनलाइन अधियाचन मंगाने के लिए 15 दिन में साफ्टवेयर तैयार होगा, ताकि भविष्य की रिक्तियां इसी पर भेजी जाए। उल्लेखनीय यह है कि चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष हीरालाल गुप्त ने ही इस साफ्टवेयर को तैयार कराया था। इस संबंध में उनके ही कार्यकाल में जिला विद्यालय निरीक्षकों की बैठक तक हो चुकी है, अब पुराने नियम को ही प्रचारित किया जा रहा है। दूसरी बैठक में का भी यही सार था कि पहली बैठक के निर्णयों को सही से लागू किया जाए। इस गति से एक भी भर्ती को मुकाम मिलने की स्थिति नहीं है।

शिक्षक भर्तियों के मामलों में उच्चतर आयोग और चयन बोर्ड की चाल है धीमी: सिर्फ हो रही खानापूरी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: C2S HUB

0 comments:

Post a Comment

Most Important News

Recent Posts Widget