Today Breaking News

Recent Posts Widget

Search This Blog

Tuesday, 3 April 2018

आवेदन न परीक्षा, फिर भी अंग्रेजी स्कूलों में शिक्षकों का चयन: बेसिक शिक्षा विभाग ने चयन प्रक्रिया में जमकर उड़ाया शासनादेश का उपहास

आवेदन न परीक्षा, फिर भी अंग्रेजी स्कूलों में शिक्षकों का चयन: बेसिक शिक्षा विभाग ने चयन प्रक्रिया में जमकर उड़ाया शासनादेश का उपहास

कान्वेंट की तर्ज पर चयनित 75 विद्यालयों में शिक्षकों की हुई तैनाती में हुई अनियमितता*
विजय द्विवेदी ’ बहराइच1बेसिक शिक्षा विभाग में उल्टी गंगा बह रही है। परिषदीय विद्यालयों को कान्वेंट की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम से चलाकर बच्चों के भविष्य संवारने की योजना की भ्रूण हत्या की जा रही है। बिना आवेदन व परीक्षा के परिषदीय कान्वेंट स्कूलों में अंग्रेजी शिक्षकों का चयन कर दिया गया है। इसमें शासनादेश का भी उपहास उड़ाया गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा, जब माझी ही नाव डुबोएंगे। 1शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों को कान्वेंट की तर्ज पर अंग्रेजी के माध्यम से चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले के 14 ब्लॉकों व एक नगर क्षेत्र में पांच-पांच विद्यालयों को कान्वेंट की तर्ज पर चलाने के लिए चयनित किया गया है। चयनित 75 परिषदीय स्कूलों में अंग्रेजी के शिक्षकों की तैनाती कर उन्हें पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षकों के चयन में शासनादेश को दरकिनार कर दिया गया है। इनमें से अधिकांश के न तो आवेदन लिए गए हैं और न ही परीक्षा कराई गई है। शासनादेश के मुताबिक लिखित परीक्षा व काउंसलिंग के मेरिट के आधार पर विद्यालयों के चयन अवसर शिक्षकों को नहीं दिया गया है। अनेक ऐसे शिक्षकों का नाम सूची में जारी किया गया है, जिन्होंने अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में जाने के लिए आवेदन ही नहीं किया था। स्पष्ट शासनादेश है कि आवेदन करने वाले शिक्षकों की लिखित परीक्षा व साक्षात्कार कराकर अंकों के अनुसार वरिष्ठता सूची बनाकर पदस्थापित किया जाए, जबकि जिले में ऐसी कोई परीक्षा नहीं कराई गई। शिक्षकों के पदस्थापन से पूर्व उनसे विद्यालय का विकल्प लेना चाहिए, लेकिन यह भी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। आवेदन पत्र कम प्राप्त होने पर खंड शिक्षा अधिकारियों से शिक्षकों की सुविधानुसार निर्धारित अर्हता वाले शिक्षकों के पदस्थापन के लिए प्रस्ताव तो मांगे गए, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा जो प्रस्ताव दिए गए, उनमें भी भारी अनियमितता बरती गई। खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में शिक्षकों के कार्यरत विद्यालय के नजदीक अंग्रेजी माध्यम का विद्यालय होने के बाद भी शिक्षकों को 10 से 30 किमी दूर तक का विद्यालय दे दिया गया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद कुमार पाठक व मंत्री विजय उपाध्याय ने इस प्रक्रिया पर अंगुली उठाई है। कहा है कि अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शिक्षकों के पदस्थापन में विभागीय निर्देशों का अनुपालन नही किया गया है। बीएसए डॉ.अमरकांत सिंह ने बताया कि अभी मीटिंग में हूं। थोड़ी देर बाद बात हो पाएगी।

आवेदन न परीक्षा, फिर भी अंग्रेजी स्कूलों में शिक्षकों का चयन: बेसिक शिक्षा विभाग ने चयन प्रक्रिया में जमकर उड़ाया शासनादेश का उपहास Rating: 4.5 Diposkan Oleh: C2S HUB

0 comments:

Post a Comment